अलविदा 'सुरों की मल्लिका': कानपुर के गंगा तट से था आशा भोसले का खास लगाव; 1993 की वो शाम जब कैंट में गूंजी थी 'आशा' की आवाज

अलविदा 'सुरों की मल्लिका': कानपुर के गंगा तट से था आशा भोसले का खास लगाव; 1993 की वो शाम जब कैंट में गूंजी थी 'आशा' की आवाज

Asha Bhosle Shared a Special Bond with the Banks of the Ganges in Kanpur

Asha Bhosle Shared a Special Bond with the Banks of the Ganges in Kanpur

1993 में वह कानपुर के गैरिसन ग्राउंड कैंट में आई थीं आशा भोसले

कहा था- कानपुर वाले सौभाग्यशाली, गंगा किनारे रहते हैं

कानपुर। Asha Bhosle Shared a Special Bond with the Banks of the Ganges in Kanpur, मशहूर गायिका आशा भोसले ( Asha Bhosle) के निधन से फैंस में शोक की लहर है। आशा भोसले का उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से भी खास जुड़ाव रहा है। उनके सुरों का जादू कानपुर में बिखरा था।

मशहूर गायिका आशा भोसले वर्ष 1993 में वह कानपुर के गैरिसन ग्राउंड, कैंट में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में शामिल हुई थीं। इस कार्यक्रम का आयोजन सैन्य अधिकारियों की पत्नियों के संगठन और पुलिस अधिकारियों के संगठन ने संयुक्त रूप से किया था। उस कार्यक्रम में मशहूर कॉमेडियन अभिनेता जॉनी लीवर भी मौजूद थे, जो रिहर्सल के दौरान सीढ़ियों से गिरकर घायल हो गए थे।

वहीं, इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि हम तो मुंबई में समुद्र के किनारे रहते हैं। कानपुरवासी सौभाग्यशाली हैं जो गंगा किनारे रहते हैं।

तत्कालीन एसएसपी डीएन सांवल भी इस आयोजन से जुड़े थे। आशा भोसले की मधुर आवाज और मंच प्रस्तुति ने उस कार्यक्रम को यादगार बना दिया था। उनके निधन से भारतीय संगीत जगत ने एक अमूल्य आवाज खो दी है।

बता दें कि 92 साल की उम्र में आशा भोसले का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।